Bihar New Six Lane Expressway 2025: इन 8 जिलों से गुजरेगा सुपरफास्ट हाईवे, अब सफर होगा पहले से दोगुना आसान

Bihar New Six Lane Expressway 2025: जानिए किन 8 जिलों से गुजरेगा नया हाईवे

अगर आप बिहार के रहने वाले हैं , तो आपके लिए एक बेहद अच्छी खबर है। अब बिहार में सफर करना और भी आसान होने वाला है, क्योंकि एक नया सिक्स लेन एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है जो राज्य के 8 ज़िलों को एक साथ जोड़ेगा। इससे न सिर्फ आपकी यात्रा तेज़ और आरामदायक होगी, बल्कि राज्य की आर्थिक तरक्की को भी पंख लग जाएंगे।

इस लेख में हम आपको बताएंगे कि ये नया हाईवे किन जिलों से होकर गुजरेगा, इसकी लागत कितनी होगी, इसमें क्या खासियतें होंगी, और इसे बनने में कितना वक्त लगेगा। आइए सबकुछ आसान भाषा में जानते हैं।

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Bihar New Six Lane Expressway जानिए क्यों है ये इतना खास

Bihar New Six Lane Expressway

बिहार में जिस प्रोजेक्ट को लेकर काफी समय से चर्चा चल रही थी, उसे अब केंद्र सरकार ने आखिरकार मंजूरी दे दी है। बात हो रही है रक्सौल से हल्दिया तक के सिक्स लेन एक्सप्रेसवे की। इस हाईवे की कुल लागत करीब ₹39,600 करोड़ बताई जा रही है।

यह एक्सप्रेसवे सिर्फ बिहार के लिए नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत और नेपाल के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होगा। ये सड़क नेपाल के रक्सौल बॉर्डर से शुरू होकर बंगाल के हल्दिया पोर्ट तक जाएगी।

सबसे खास बात? यह एक “एक्सेस कंट्रोल्ड हाइवे” होगा यानी गाड़ियों की आवाजाही केवल तय गेट्स से ही हो सकेगी, जिससे ट्रैफिक का सिस्टम बेहतर होगा और हादसों में भी कमी आएगी।

यह एक्सप्रेसवे किन जिलों से होकर गुजरेगा?

इस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये बिहार के 8 बड़े जिलों को जोड़ने वाला है। ये जिले हैं:

  • पूर्वी चंपारण
  • शिवहर
  • मुजफ्फरपुर
  • समस्तीपुर
  • बेगूसराय
  • लखीसराय
  • मुंगेर
  • बांका

यानि अगर आप इन जिलों में रहते हैं या सफर करते हैं, तो आने वाले कुछ सालों में आपकी यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा। चाहे आप निजी गाड़ी से चलें या माल ढोने वाली गाड़ियों का सफर हो, सबकुछ पहले से कहीं ज़्यादा तेज़, आसान और सुरक्षित होगा।

गंगा पर बनेगा लंबा ब्रिज – ट्रैफिक की बड़ी टेंशन खत्म

इस एक्सप्रेसवे का एक और बड़ा फायदा है – गंगा नदी पर बनने वाला 4.5 किलोमीटर लंबा पुल। यह पुल बेगूसराय और सूर्यगढ़ा के बीच बनेगा।

आज की तारीख में गंगा पार करना बिहार के कई इलाकों में एक बड़ा सिरदर्द है। लेकिन इस ब्रिज के बन जाने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा और तेज़ ट्रैफिक शुरू हो जाएगा।

नेपाल से हल्दिया पोर्ट तक सीधा रास्ता – बढ़ेगा अंतरराष्ट्रीय व्यापार

ये नया हाईवे सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि नेपाल के लिए भी एक गेम चेंजर साबित होगा। रक्सौल बॉर्डर से शुरू होने वाला यह एक्सप्रेसवे हल्दिया पोर्ट तक सीधा रास्ता देगा, जिससे नेपाल से आने-जाने वाला माल अब समुद्री रास्ते से जल्दी और आसानी से भेजा जा सकेगा।

इससे नेपाल को भी काफी फायदा होगा, और भारत का भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार तेज़ी से बढ़ेगा। खासकर बिहार और बंगाल के व्यापारी इस प्रोजेक्ट से बेहद लाभ में रहेंगे।

पथ निर्माण मंत्री का बयान – पटना तक पहुंचना होगा आसान

बिहार के पथ निर्माण मंत्री ने इस प्रोजेक्ट को लेकर कहा है:

“मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सपना है कि बिहार के किसी भी जिले से राजधानी पटना पहुंचना सिर्फ 5-6 घंटे का काम हो जाए। ये नया एक्सप्रेसवे उसी सपना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”

उन्होंने ये भी कहा कि यह एक्सप्रेसवे एक्सेस कंट्रोल्ड होगा, जिससे सड़क हादसे भी कम होंगे और लोग सुरक्षित तरीके से सफर कर पाएंगे।

120 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां – समय की होगी जबरदस्त बचत

इस हाईवे की खासियत ये है कि गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। अभी रक्सौल से हल्दिया जाने में करीब 20 घंटे का समय लग जाता है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यही दूरी सिर्फ 9-10 घंटे में तय की जा सकेगी।

ट्रांसपोर्ट बिजनेस, टूरिज्म, और रोजमर्रा की यात्रा में समय की जबरदस्त बचत होगी। साथ ही, लंबी दूरी की थकान से भी छुटकारा मिलेगा।

स्थानीय लोगों के लिए बनेंगे रोज़गार के नए रास्ते

इतना बड़ा प्रोजेक्ट बनने का मतलब सिर्फ अच्छी सड़क नहीं है, बल्कि यह हजारों लोगों को रोजगार देने वाला है। निर्माण कार्य के दौरान इंजीनियर, मजदूर, मिस्त्री, ड्राइवर, सप्लायर – सभी को काम मिलेगा।

सिर्फ इतना ही नहीं, जब सड़क बन जाएगी तो उसके किनारे ढाबे, होटल, पेट्रोल पंप, वर्कशॉप, स्टोर और गोदाम जैसी ढेरों चीजें खुलेंगी, जिससे स्थानीय लोगों को छोटे-बड़े व्यापार शुरू करने का मौका मिलेगा।

सरकार ने दिए सख्त निर्देश – कोई देरी बर्दाश्त नहीं

राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों को साफ-साफ निर्देश दे दिए हैं कि काम में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

निर्माण मंत्री ने खुद कहा कि यह प्रोजेक्ट बिहार की तस्वीर बदलने वाला है और इसे समय पर पूरा करना हमारी प्राथमिकता है।

यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?

अभी इस प्रोजेक्ट की फाइनल डेडलाइन तो तय नहीं हुई है, लेकिन अनुमान है कि अगर सबकुछ सही चला तो अगले 3 से 4 सालों में यह एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा। सरकार और विभाग की सक्रियता देखकर ऐसा लग रहा है कि यह टाइमलाइन पूरी तरह से संभव है।

निष्कर्ष

बिहार का यह नया सिक्स लेन एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि राज्य की तरक्की की एक सीधी लाइन है। इससे सफर आसान होगा, समय बचेगा, रोजगार मिलेगा और इंटरनेशनल व्यापार को भी एक नया रास्ता मिलेगा।

बिहार के लोग आने वाले सालों में खुद इस बदलाव को महसूस करेंगे। यह प्रोजेक्ट बिहार को देश के सबसे बेहतर कनेक्टिव राज्यों में शामिल कर सकता है – बस अब इंतजार है इसके जल्द से जल्द बनने का।

FAQs 

Q1. बिहार का सिक्स लेन एक्सप्रेसवे किन जिलों से होकर जाएगा?

यह एक्सप्रेसवे पूर्वी चंपारण, शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर और बांका से होकर गुजरेगा।

Q2. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?

इस एक्सप्रेसवे की लागत करीब ₹39,600 करोड़ आंकी गई है।

Q3. क्या नेपाल को भी इससे फायदा होगा?

बिलकुल, नेपाल को हल्दिया पोर्ट से डायरेक्ट कनेक्शन मिलेगा जिससे उनके व्यापार को भी फायदा होगा।

Q4. इस पर गाड़ियां कितनी स्पीड से चल सकेंगी?

गाड़ियां इस हाईवे पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।

Q5. यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा हो जाएगा?

संभावना है कि 3-4 सालों में यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।

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